नेपाल से नकली भारतीय नोटों की तस्करी का खुलासा, एनआईए ने दो आरोपितों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट
पटना। नेपाल के रास्ते नकली भारतीय मुद्रा देश में लाकर बिहार के बाजारों में चलाने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने शुक्रवार को इस मामले में दो आरोपितों भरत महासेठ और शिव कुमार राउत उर्फ मेहमान के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया। दोनों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
यह मामला मधुबनी जिले के बासोपट्टी थाना क्षेत्र के दुहबी बाजार में सामने आया था। इस वर्ष 2 अगस्त को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), बिहार एसटीएफ और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 281 नकली भारतीय नोट बरामद किए थे। जब्त की गई जाली मुद्रा की कुल कीमत 50,150 रुपये बताई गई थी।
एनआईए की जांच में सामने आया कि दोनों आरोपित हीरा महासेठ उर्फ चाची के जरिए नेपाल से नकली भारतीय नोट मंगवाते थे। इसके बाद इन नोटों को असली मुद्रा बताकर आसपास के भारतीय बाजारों में चलाने की योजना थी।
मामले की शुरुआत बासोपट्टी थाने में तीन आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के साथ हुई थी। इसकी गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्रालय ने जांच की जिम्मेदारी एनआईए को सौंप दी। एजेंसी ने सितंबर में मामले की जांच अपने हाथ में ली।
जांच के सिलसिले में एनआईए ने 8 अक्टूबर को मधुबनी में 12 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान डिजिटल उपकरण, महत्वपूर्ण दस्तावेज, नकदी और अन्य सामान जब्त किए गए थे। फिलहाल एजेंसी मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में जुटी है।

